पुलिस की जांच में पता चला है कि तेजपाल व अन्य लोग 10 फीसदी कमीशन पर खाते साइबर जालसाजों को देते हैं। वहीं, तीन से पांच प्रतिशत खाताधारकों एवं मध्यस्थ को दिया जाता है। इन जालसाजों ने पिछले एक साल में 60 से अधिक बैंक खाते खुलवाए हैं। इन जालसाजों ने एनसीआर से लेकर कई राज्यों में साइबर ठगी की है। रुपेंद्र पाल और तेजपाल नोएडा साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक मामलों में पहले भी शामिल रहा है। इसमें पीडि़त के साथ निवेश के नाम पर 2.90 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी। 10 राज्यों के 43 साइबर क्राइम में शामिल
नोएडा साइबर टीम ने जब आरोपियों के खातों की जांच की तब पता चला कि देश के कई राज्यों में इस गिरोह ने साइबर क्राइम की घटनाएं की है। एनसीआरपी पोर्टल पर इनके खिलाफ दस राज्यों की 43 शिकायतें मिली है। इनमें तेलंगाना में नौ, हरियाणा में आठ, महाराष्ट्र में चार, राजस्थान में एक, आंध्रप्रदेश में दो, कर्नाटक और गुजरात में पांच-पांच, केरल में तीन और दिल्ली में चार शिकायतें दर्ज मिली हैं। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में करीब 33 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। इनके खिलाफ बिहार और दिल्ली में भी मुकदमे दर्ज हैं। मोबाइल में मिला चीन का कनेक्शन
गिरफ्तार आरोपी तेजपाल इस गिरोह का सरगना है और वह साइबर ठगी का मास्टरमाइंड है। तेजपाल व अन्य आरोपियों के पास से पांच आईफोन भी बरामद हुए हैं। पुलिस जांच के लिए मोबाइल को फॉरेंसिक लैब भेजेगी। इन मोबाइल में ही आरोपियों का चीन कनेक्शन सामने आया है। ये आरोपी पिछले एक डेढ़ साल से साइबर ठगी कर रहे हैं और धीरे धीरे अपना नेटवर्क देश व देश के बाहर बना लिया।

