मौसम विभाग ने शीतलहर का अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते एम्स के डॉक्टरों ने स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी दी है। ठंड दिल, फेफड़े, डायबिटीज और किडनी मरीजों के लिए जानलेवा हो सकती है। चिकित्सकों ने नमक कम खाने, पर्याप्त पानी पीने, सही समय पर टहलने और दवाइयों में लापरवाही न बरतने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
मौसम विभाग ने शीतलहर (कोल्ड वेव) को लेकर अलर्ट जारी किया है। कड़ाके की ठंड सिर्फ ठिठुरन नहीं बढ़ाती, बल्कि दिल, फेफड़े, डायबिटीज और किडनी के मरीजों के लिए जानलेवा बन सकती है। बच्चे हों या बुजुर्ग, कोल्ड वेब सबसे ज्यादा इन्हें प्रभावित करते है।
ऐसे में एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सोमवार को स्वास्थ्य को लेकर अलर्ट जारी किया है। चिकित्सकों ने कोल्ड वेव के दौरान नमक कम रखने, पानी भरपूर पीने, सही समय पर वॉक करने और दवाइयों में लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी है।
एम्स के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव नारंग बताते हैं कि ठंड में शरीर की रक्त नलियां सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है, जो हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। यदि सीने में जकड़न, सांस फूलना, अचानक थकान या पैरों में सूजन दिखे, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें।