केंद्रीय बजट 2025-26 में महाराष्ट्र के लिए बड़ी सौगात का ऐलान हुआ है। मुंबई और पुणे के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत अब यह सफर महज 48 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यानी जितना समय बोरीवली से चर्चगेट पहुंचने में लगता है, लगभग उतने में ही मुंबई से पुणे की दूरी तय हो जाएगी।
फिलहाल ट्रेन से यह यात्रा करीब चार घंटे में पूरी होती है, जबकि रोजाना हजारों लोग इस रूट पर सफर करते हैं। हाई-स्पीड ट्रेन शुरू होने से दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस ट्रेन की अनुमानित रफ्तार 300 से 320 किमी प्रति घंटा बताई जा रही है, जिससे दोनों शहरों के बीच तेज और भरोसेमंद कनेक्टिविटी संभव होगी।
मुंबई-पुणे के साथ प्रस्तावित मुंबई-पुणे-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर आईटी, उद्योग, व्यापार और शिक्षा क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। तीनों शहर देश के प्रमुख आर्थिक और टेक्नोलॉजी हब हैं, ऐसे में तेज रेल संपर्क से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही सड़क और हवाई यातायात पर बढ़ते दबाव में भी कमी आएगी।
वर्तमान में मध्य रेलवे की ओर से रोज सुबह पांच स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती हैं, जिनमें वंदे भारत भी शामिल है। इसके बावजूद टिकट कन्फर्म होना चुनौती बना रहता है। बड़ी संख्या में लोग मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के जरिए भी सफर करते हैं—निजी वाहन, बस या शेयरिंग कैब से। इस एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन औसतन 43 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर इस व्यस्त रूट के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आ सकता है।