• Sun. May 3rd, 2026

दिल्ली: मेट्रो में मेक इन इंडिया को बढ़ावा, लगेंगे देशी प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। अब प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) को स्वदेशी तकनीक से विकसित किया जाएगा। इसके लिए डीएमआरसी ने भारतीय कंपनियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किया है, जिसके तहत हाफ हाइट और फुल हाइट स्क्रीन डोर का डिजाइन, निर्माण और इंस्टॉलेशन देश में ही किया जाएगा।

प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर मेट्रो प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच एक सुरक्षा अवरोध की तरह काम करते हैं, जो ट्रेन आने पर ही खुलते हैं। इससे ट्रैक पर गिरने, दुर्घटनाओं और आत्महत्या जैसी घटनाओं में कमी आती है। साथ ही, भीड़भाड़ के दौरान यात्रियों के आवागमन को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है, जिससे मेट्रो संचालन अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होता है। डीएमआरसी ने इस परियोजना में कम से कम 75 प्रतिशत स्थानीय सामग्री के उपयोग को अनिवार्य किया है, ताकि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिल सके और विदेशी निर्भरता घटे।

इसके साथ ही, इस तकनीक के बौद्धिक संपदा अधिकार और सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड पर डीएमआरसी और चयनित कंपनी का संयुक्त अधिकार होगा, जिससे भविष्य में देश इस तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। निजी एजेंसियों के चयन के लिए सख्त मानक तय किए गए हैं। केवल वही भारतीय कंपनियां आवेदन कर सकेंगी जिनके पास इस सिस्टम का कार्यशील प्रोटोटाइप मौजूद हो और जिनकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो। साथ ही, किसी भी आपराधिक या दिवालिया मामले में शामिल कंपनियों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। केंद्र सरकार के नियमों के तहत भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों की भागीदारी वाली कंपनियों को भी अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रक्रिया का होगा ट्रायल
नई तकनीक को मौजूदा सिग्नलिंग सिस्टम, जैसे अल्स्टॉम और बॉम्बार्डियर, के साथ तालमेल में काम करना होगा, ताकि मेट्रो संचालन प्रभावित न हो। इच्छुक एजेंसियां 28 मई 2026 तक आवेदन कर सकती हैं। चयनित कंपनियों को एक कोच की लंबाई के बराबर प्लेटफॉर्म पर ट्रायल करना होगा। पूरी प्रक्रिया में डिजाइनिंग के लिए चार महीने और इंस्टॉलेशन व टेस्टिंग के लिए लगभग दो महीने का समय निर्धारित किया गया है। यह पहल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ देश को मेट्रो तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

यात्रियों को मिलेगा सुरक्षा कवच
मेट्रो स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगने से यात्रियों की सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा। ये दरवाजे ट्रेन आने पर ही खुलेंगे, जिससे ट्रैक पर गिरने, धक्का लगने या हादसों की संभावना काफी कम हो जाएगी। भीड़भाड़ के समय यात्रियों की आवाजाही व्यवस्थित रहेगी, जिससे भगदड़ जैसे हालात नहीं बनेंगे। इसके अलावा ट्रेन संचालन अधिक सटीक और समयबद्ध होगा, जिससे देरी कम होगी। स्वदेशी तकनीक के कारण सिस्टम का रखरखाव भी तेज और सस्ता होगा, जिसका सीधा लाभ बेहतर और भरोसेमंद मेट्रो सेवा के रूप में यात्रियों को मिलेगा

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )