पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि पर आम जनता की प्रतिक्रियाएं
नई दिल्ली। देश में शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें लागू कर दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं में चिंता और विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इसे लेकर आम लोग अपनी राय रख रहे हैं कि यह वृद्धि स्वाभाविक थी और इससे निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद एक उपभोक्ता का कहना है, “कीमतों के बढ़ने की उम्मीद थी, यह सबको पता था। हालांकि इससे हमें परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, फिर भी यह बढ़ोतरी केवल तीन रुपये की है, इसलिए इसे हम संतोषजनक मानते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक परिदृश्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इसी तरह की वृद्धि आम है, परन्तु भारत में अब भी नियंत्रण में है।
दूसरे उपभोक्ता ने वैश्विक संकट को वजह बताते हुए कहा, “मध्य पूर्व से पेट्रोलियम संसाधनों की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कीमतों में वृद्धि होना स्वाभाविक है। इस स्थिति में कीमतों के तीन रुपये बढ़ने को हम विरोध करने की बजाय समझना चाहिए।” उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों पर फोकस करते हुए कहा कि इन चुनौतियों के बीच सरकार का प्रयास सराहनीय है।
एक अन्य ग्राहक ने कहा, “देश में पेट्रोल-डीजल का उत्पादन नहीं होता, हम पूरी तरह इन पर निर्भर हैं। इसलिए, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों के कारण कीमतें बढ़नी स्वाभाविक हैं और सरकार जो भी कदम उठा रही है, वह देशहित में हैं। हमें इस स्थिति को स्वीकार करना होगा।”
एक उपभोक्ता ने महंगाई की बढ़ती दर पर चिंता जताई और कहा, “महंगाई पहले से बढ़ी हुई है, अब इन कीमतों में वृद्धि से खर्चा और भी बढ़ेगा। हालांकि सरकार ने वृद्धि को नियंत्रित करने की कोशिश की है, फिर भी इसका प्रभाव अवश्य पड़ेगा।”
किसी ग्राहक ने डीजल कीमतों में वृद्धि से पूरा परिवहन क्षेत्र प्रभावित होने की बात कही। उन्होंने बताया, “डीजल की कीमत 3 रुपये बढ़ने से परिवहन का खर्च बढ़ेगा, जिससे वस्तुओं की कीमतों पर भी असर होगा। वैश्विक युद्ध की वजह से यह संकट हम पर भी प्रत्यक्ष रूप से पड़ रहा है।”