भारतीय रिजर्व बैंक ने 2025-26 वित्त वर्ष के लिए केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.8 लाख करोड़ रुपये के अधिशेष के रूप में धनराशि भेजने की मंजूरी दी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बोर्ड ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को 2.8 लाख करोड़ रुपये के अधिशेष के रूप में हस्तांतरण को मंजूरी दे दी। यह राशि केंद्रीय बैंक द्वारा सरकार को दी जाने वाली अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक डिविडेंड राशि है।
प्रत्येक वर्ष, भारतीय रिजर्व बैंक अपने लाभांश या अधिशेष में से एक हिस्सा सरकार को हस्तांतरित करता है, जो सरकारी वित्तीय व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत होता है। इस वर्ष का अधिशेष विश्व में जारी आर्थिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से उत्पन्न वैश्विक आर्थिक दबावों के बीच आया है।
केंद्र बैंक के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में उसकी सकल आय 26.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़ी, जबकि जोखिम प्रावधान से पहले उसका व्यय 27.6 प्रतिशत बढ़ा। जोखिम प्रावधान और सांविधिक निधियों के हस्तांतरण से पहले निवल आय 3.9 लाख करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष के 3.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
यह मौद्रिक नीति को स्थिर रखने तथा आर्थिक चुनौतियों का समना करते हुए सरकार को अभूतपूर्व वित्तीय सहायता प्रदान करने का एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक का यह निर्णय न केवल सरकारी खजाने के लिए राहत का स्रोत है, बल्कि यह देश की आर्थिक मजबूती का भी संकेत है।
लेखिका: नचिकेत देउसकर। संपादक: सारा वर्गीज।
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