स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) नोएडा ने कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षा-2026 में हाईटेक नकल कराने वाले गिरोह के वांछित सदस्य लोकेश को गिरफ्तार किया है। अलवर निवासी लोकेश परीक्षा में इस्तेमाल होने वाली मॉडिफाइड टीएफटी स्क्रीन तैयार कर कई राज्यों में सप्लाई करता था। एसटीएफ ने उसके घर से 92 मॉडिफाइड टीएफटी स्क्रीन और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्र ने बताया कि लोकेश को बृहस्पतिवार को अलवर, राजस्थान से पकड़ा गया। वह 22 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल जोन पर पकड़े गए नकल गिरोह का सदस्य था। एसटीएफ ने 22 मई को प्रॉक्सी सर्वर और सर्वर हैक कर नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। उस समय गिरोह के सरगना प्रदीप चौहान और हैकर अमित राणा समेत सात आरोपी गिरफ्तार हुए थे। उनके पास से करीब 50 लाख रुपये नकद और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले थे। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से लोकेश का नाम सामने आया था। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे उसे अलवर से गिरफ्तार किया गया।मॉडिफाइड स्क्रीन बनाने का तरीकालोकेश ने 2013 में कंप्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग का कोर्स किया था। वर्ष 2017 में हरियाणा के एक व्यक्ति ने उसे मॉडिफाइड टीएफटी स्क्रीन बनाना सिखाया।
उसने इस तकनीक में महारत हासिल कर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में स्क्रीन सप्लाई की। एक मॉडिफाइड टीएफटी स्क्रीन तैयार करने में करीब 40 हजार रुपये का खर्च आता था। वह प्रति स्क्रीन सप्लाई के बदले करीब पांच हजार रुपये अतिरिक्त लेता था।हाईटेक नकल की प्रक्रियायह मॉडिफाइड टीएफटी स्क्रीन बाहर से सामान्य कंप्यूटर स्क्रीन जैसी दिखती थी। परीक्षा केंद्रों पर मिलीभगत से इन्हें सामान्य स्क्रीन की जगह लगाया जाता था। परीक्षा शुरू होते ही स्क्रीन का पूरा कंटेंट वाई-फाई डोंगल से बाहर लाइव स्ट्रीम होता था। बाहर बैठा सॉल्वर प्रश्नपत्र हल कर उत्तर वापस अभ्यर्थी तक पहुंचाता था। इस प्रक्रिया में उन्नत राउटर, रास्पबेरी-पाई और वाई-फाई डोंगल जैसे उपकरण इस्तेमाल होते थे।

