ब्रिक्स बैठक में ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिकी प्रतिबंधों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट का कारण बताया
नई दिल्ली। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हो रही वर्तमान बाधाओं के पीछे अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया गया है। यह जानकारी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ब्रिक्स देशों की विदेश मंत्रियों की नई दिल्ली में हुई बैठक में दी। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज उन वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है जो ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करते हैं।
ईरान की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अराघची ने बैठक में मीडिया से बातचीत के दौरान जोर दिया कि असली रुकावटें अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण उत्पन्न हुई हैं, जो इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के माध्यम से गुजरने वाली नौवहन गतिविधियों पर प्रभाव डाल रही हैं।
इस बीच, एक दिन पूर्व गुजरात का एक मालवाहक जहाज ‘हाजी अली’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 13 मई की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र में यह जहाज ड्रोन या मिसाइल हमले की आशंका के कारण दुर्घटना का शिकार हुआ। जहाज में आग लगने के पश्चात ओमान कोस्टगार्ड ने 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, द्वारका निवासी जहाज मालिक सुलतान अहमद अंसार का एमएसवी हाजी अली शारजाह से बेरबेरा पोर्ट के लिए यात्रा कर रहा था। 3:30 बजे के आसपास ओमान की समुद्री सीमा के पास जहाज पर विस्फोट के समान आवाज सुनाई दी और उसके बाद जहाज में आग लग गई। खराब होती स्थिति को देखते हुए क्रू मेंबर्स ने लाइफबोट का इस्तेमाल करके जहाज छोड़ा। इस दौरान ओमानी अधिकारियों ने महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की सख्त निंदा करते हुए कहा कि व्यावसायिक जहाजों और आम नाविकों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। वे इस तरह की घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक से पूर्व अराघची ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी सेवा तीर्थ पर मुलाकात की। बैठक में उन्होंने मलेशिया, ब्राजील और रूस के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय मुद्दों और बहुपक्षीय संगठन सतत समन्वय पर चर्चा की।