केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग (OMS) प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था अगले सत्र से बोर्ड परीक्षाओं में लागू होगी।
बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर में बताया गया है कि 10वीं की कापियों का मूल्यांकन फिलहाल पारंपरिक भौतिक रूप में ही जारी रहेगा। 12वीं में डिजिटल जांच का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।
विशेषज्ञ योगेंद्र दुबे (सरदार पटेल स्कूल, इंदौर) बताते हैं कि डिजिटल मूल्यांकन पारदर्शिता बढ़ाएगा और काम की गति तेज होगी, लेकिन शुरुआत में शिक्षकों को तकनीकी तालमेल बैठाने में समय लग सकता है। धुंधली इमेज, एप्लीकेशन एरर, इनपुट डिवाइस की खराबी और ऑन-स्क्रीन काम की नई आदत से परीक्षकों को शुरुआती कठिनाई हो सकती है। बोर्ड ने इसके लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की व्यवस्था की है।
सीबीएसई ने हाल ही में 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के प्रारूप में बदलाव किए हैं। विज्ञान स्ट्रीम की कापियों को विषय-वार सेक्शन में विभाजित किया गया है—भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के लिए अलग सेक्शन। अब छात्रों को हर उत्तर संबंधित सेक्शन में ही लिखना अनिवार्य होगा। किसी अन्य सेक्शन में लिखा गया उत्तर मूल्यांकन में शामिल नहीं होगा। यह बदलाव डिजिटल जांच को सटीक और व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा।