ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों में घरों में खुले पीजी गंदगी फैलाने का कारण बन रहे हैं। ऐसे पीजी और दूसरे व्यावसायिक उपयोग वाले भवनों पर सख्ती अब प्राधिकरण करेगा। ऐसे भवनों की सूची बनाई जा रही है जोकि गाड़ियों काे कूड़ा देने की जगह इधर-उधर फेंककर शहर को गंदा कर रहे हैं। अब उनपर जुर्माना लगाया जाएगा।
सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे भवनों की पहचान शुरू की है जोकि कूड़े को प्राधिकरण की एजेंसी को न देकर इधर-उधर फेंक देते हैं।
चंद रुपये का यूजर चार्ज देने से बचने के लिए अवैध रूप से खुले पीजी व अन्य उपयोग वाले भवन स्वामी ऐसा करते हैं। इससे दूसरे सेक्टरवासियों को परेशानी होती है। कूड़ा गाड़ी पर तैनात टीम को उन घरों के पते नोट करने के निर्देश दिए गए हैं।
जहां से कूड़ा नहीं मिलता है। ऐसे भवन स्वामियों पर नजर भी रखी जाएगी। ऐसे कुछ मामलों में जुर्माना की कार्रवाई भी पिछले दिनों में टीमों ने की है। एसीईओ लक्ष्मी वीएस ने कहा कि खुले में कचरा फेंकने वालों पर भवन स्वामियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

