नई दिल्ली। डीटीसी के ओखला डिपो से 101 चालकों को अचानक एमएस मोबिलिटी कंपनी में भेजने के फैसले ने कर्मचारियों में गहरा असंतोष पैदा कर दिया है। बुधवार को नाराज चालकों ने ओखला डिपो में प्रदर्शन किया और बसें सड़क पर नहीं उतारीं। नतीजा यह रहा कि डिपो से चलने वाली 80 बसों का परिचालन ठप हो गया और यात्री घंटों परेशान रहे।
डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन ने इस कदम को कर्मचारियों के साथ अन्याय करार देते हुए चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन ने जल्द ही इस आदेश को वापस नहीं लिया तो प्रदर्शन हड़ताल में बदल सकता है। यूनियन अध्यक्ष ललित चौधरी और महामंत्री मनोज शर्मा ने कहा कि चालकों ने पूरी जवानी डीटीसी विभाग को दी। कई कर्मचारी ऐसे हैं जो 10 से 25 साल से डीटीसी के अधीन सेवा कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बिना पूर्व सूचना के निजी मालिकों के अधीन भेजने का नोटिस जारी कर दिया गया। वे डीटीसी में इसलिए आए थे ताकि भविष्य में स्थायी नौकरी और सुरक्षित जीवन मिल सके लेकिन अब इस आदेश से भविष्य अधर में लटक गया है।