सेक्टर-22डी स्थित एटीएस एल्योर सोसाइटी निवासी इन दिनों गंदे पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं। निवासियों का आरोप है कि ओवरहेड टैंक की सफाई न होने के कारण उसमें गंदगी तैर रही है। इसका उपयोग करने से लोगों के बीमार पड़ने की संभावना है। इसके अलावा घरों के बाथरूम में फ्लश के लिए उपयोग होने वाला रिसाइकिल पानी भी मलयुक्त आ रहा है।
सोसाइटी में करीब 300 परिवार रहते हैं। निवासियों ने बताया कि काफी दिनों से वह मेंटेनेंस विभाग को ओवरहेड टैंकों की सफाई करने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद लंबे समय से यह सफाई नहीं कराई गई है। ऐसे में ओवर हेड टैंक में ढक्कन की पपड़ियां छूट कर गिर रही हैं। साथ ही आस-पास की दीवार पर लगी टाइल्स भी सफाई न होने के कारण गंदी पड़ी हैं। इसके चलते उपयोग होने वाला पेयजल गंदा आ रहा है। लोगों का आरोप है कि रिसाइकिल होकर आने वाला पानी बिना रिसाइकिल किए ही भेजा जा रहा है।
लोगों का आरोप है कि पिछले सप्ताह भी मेंटेनेंस विभाग को शिकायत की थी। विभाग ने इस सप्ताह सफाई का वादा किया था लेकिन अभी तक कार्य नहीं हुआ। नाराज निवासियों ने बुधवार को सभी ब्लॉकों में छतों पर लगे ओवरहेड टैंक खोलकर वास्तविक स्थिति देखी तो हैरान रह गए। आरोप है कि लगभग सभी ओवरहेड टैंक में पानी गंदा पड़ा है। साथ ही टैंक की सफाई नहीं हुई है। उन्होंने इसके खिलाफ बिल्डर प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत की है।
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बच्चों और बुजुर्गों को अधिक नुकसान
ओवरहेड टैंक में गंदे पानी से सबसे अधिक खतरा कम इम्युनिटी वाले निवासियों को होगा। विशेषकर बच्चों और बुजुर्ग जल्द गंदे पानी पीने से बीमार हो सकते हैं। हालांकि, लोग घरों में आरओ वाटर का उपयोग कर रहे हैं लेकिन वह भी इतनी अशुद्धियां निकालने में कितना सक्षम होगा इसका आकलन नहीं है। ओमकार सिंह बघेल, कमलेश, सरोज सहित अन्य निवासियों ने बताया कि टैंक को साफ करने के लिए कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को अब ध्यान देना चाहिए, कहीं बड़ी संख्या में लोग बीमार न पड़ जाएं।
यमुना सिटी: सोसाइटी निवासी इन दिनों गंदे पानी का उपयोग करने को मजबूर

