ग्रेटर नोएडा के गांवों में परंपरा और आधुनिकता के बीच टकराव अब खुलकर सामने आने लगा है। दनकौर के बाद अब घरबरा गांव ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंका दिया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है।
गांव की पंचायत ने साफ ऐलान कर दिया है कि अब किसी भी बरात में डीजे की धुन नहीं बजेगी,और जो इस नियम को तोड़ेगा, उसके साथ पूरा गांव दूरी बना लेगा। इस फैसले को और भी दिलचस्प बनाता है पंचायत का अंदाज। ग्रामीणों ने खुद इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। एक तरफ जहां युवा पीढ़ी डीजे और आधुनिक शादी के रंग में रंगी है, वहीं गांव के बुजुर्ग इसे अपनी संस्कृति और शांति के खिलाफ मानते हैं।
गौतमबुद्धनगर के सदर तहसील के घरबरा गांव में रविवार को ग्रामीणों ने पंचायत की। पंचायत में गांव के बुजुर्ग और प्रमुख लोग शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि शादी समारोह समेत अन्य अवसरों पर डीजे का इस्तेमाल फिजूलखर्ची है। तेज आवाज में डीजे बजाने से हार्ट के मरीजों को दिक्कतें होती है। वहीं लोग परेशान रहते है। कई बार बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। डीजे से जनजीवन प्रभावित होता है। गांव में किसी भी आयोजन में कोई भी डीजे का इस्तेमाल नहीं करेगा। अगर कोई डीजे का इस्तेमाल करता है तो उसका बहिष्कार किया जाएगा।
वहीं, गांव से जाने वाली ऐसी बारात में लोग शामिल नहीं होंगे। पंचायत की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल की जा रही है। पूर्व जिला पंचायत चेयरमैन वीरेंद्र डाढ़ा का कहना है कि घरबरा में ग्रामीणों ने पंचायत करके डीजे संस्कृति का विरोध किया है। ऐसी बारात में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है। इस तरह की पंचायतें और गांवों में की जाएंगी। इसको लेकर ग्रामीण जागरूक हो रहे है।