• Wed. Apr 29th, 2026

यूएई ने ‘राष्ट्रीय हितों’ को लेकर ओपेक से दिया इस्तीफा

Byadmin

Apr 29, 2026 #source, #UAE
UAE leaves OPEC citing ‘national interests’

यूएई ने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए ओपेक और ओपेक से वापसी का निर्णय लिया

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मंगलवार को घोषणा की कि वह इस शुक्रवार को उत्पादन निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और ओपेक समूह से बाहर हो जाएगा। यह निर्णय ‘राष्ट्रीय हितों’ के मद्देनजर लिया गया है, जैसा कि राज्य-स्वामित्व वाली समाचार एजेंसी वाम ने बताया।

यह घोषणा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा के साथ जुड़े दामों में तेज वृद्धि के बाद आई है। ओपेक की स्थापना 1960 में 12 देशों द्वारा की गई थी, जिनमें मुख्य रूप से पश्चिम एशियाई देश शामिल हैं। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम नीतियों का समन्वय करना और वैश्विक तेल की कीमतों पर प्रभाव डालना है। यूएई ने 1967 में इस संगठन में प्रवेश किया था।

ओपेक नामक व्यापक समूह 2016 में स्थापित किया गया था, जिसमें ओपेक के अलावा 10 अन्य बड़े गैर-ओपेक तेल उत्पादक शामिल हैं। यह गठबंधन, जिसमें रूस भी शामिल है, 2025 में वैश्विक तेल और तेल से जुड़े पदार्थों के उत्पादन का लगभग 50% हिस्सा नियंत्रित करता था।

हालांकि, रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया के युद्ध के चलते मार्च 2024 में इस हिस्सेदारी में गिरावट आई, जो अब लगभग 44% रह गई है।

यूएई सरकार ने अपने बयान में कहा कि ओपेक और ओपेक से अलग होने का यह निर्णय उसकी “दीर्घकालिक रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि तथा ऊर्जा प्रोफ़ाइल में हो रहे बदलावों” का प्रतिबिंब है। साथ ही यह निर्णय UAE के उत्पादन नीतियों, वर्तमान और भविष्य की उत्पादन क्षमता की व्यापक समीक्षा पर आधारित है, जिससे राष्ट्रीय हितों की रक्षा और बाजार की आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।

यूएई ने यह भी कहा कि संगठन में अपनी सदस्यता के दौरान उसने वैश्विक ऊर्जा स्थिरता को समर्थन दिया और सहयोगी देशों के साथ मिलकर बाजार संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परन्तु अब नए संदर्भों और रणनीतिक बदलावों के कारण इस कदम की आवश्यकता महसूस की गई है।

Source

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)