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वीआईपी कल्चर के सख्त खिलाफ उत्तर प्रदेश के सीएम ,कार्रवाई के निर्देश जारी किए

Report By : Rashid Arif Lucknow (UP)

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने हूटर और प्रेशर हॉर्न लगी लग्‍जरी गाड़ियों पर ऐक्‍शन लेने का आदेश दिया है सीएम के आदेश के बाद यूपी के कई जिलों में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है अफसरों संग बैठक में योगी ने कहा कि वाहन सरकारी हो या निजी, उनमें प्रेशर हॉर्न या हूटर नहीं बजना चाहिए,जिनके पास है उसे तत्‍काल हटाया जाए वीआईपी कल्‍चर किसी भी हालत में स्‍वीकार नहीं किया जाएगा

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के वीवीआईपी कल्चर आदेश के बाद अभियान की आड़ में पुलिस अब प्रशासनिक अफसरों की कर रही हैं बेइज्जती प्रशासनिक अफसरों का बीच सड़क बनाया जा रहा है वीडियो RTO, ARTO बैकफुट पर हैं तो बत्ती और हूटर काली फिल्म उतार रही पुलिस प्रशासनिक अफसरों और पुलिस के बीच में सड़क पर अदावत ADM, SDM, CMO, तहसीलदार, नायब तहसीलदार आक्रोशित नजर आ रहे है कई जनपदों में तैनात जूनियर IAS और PCS अफसर भी परेशान हैं नायब तहसीलदार अपनी प्रेगनेंट पत्नी को लेकर जा रहे थे रास्ते में ही पुलिस ने बत्ती हटवाई और चालान काट दिया पुलिस ने मिर्जापुर में एडीएम की बत्ती बीच सड़क उतार ली सहारनपुर में तैनात महिला SDM का CO ने हूटर उतरवा दिया कासगंज में तैनात SDM का भी हूटर पुलिस ने उतरवा दिया बीच सड़क पुलिस द्वारा पुरानी खुन्नस निकालने की भी चर्चा चौराहे-चौराहे अफसरों की गाड़ी का इंतजार कर रही है पुलिस प्रशासनिक अफसरों की गाड़ी देख कैमरा ऑन, बत्ती गुल कर रही पुलिस बीच सड़क ऐसी कार्रवाई को बेइज्जती मान रहे हैं ।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

आप थके हुए हैं पर आपका दिमाग जगा हुआ क्यों है
पॉवरिका ने SECI से ₹3.85/यूनिट टैरिफ पर 100 मेगावाट की पवन परियोजना बोली जीती
{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}