उखरूल में दो नागा समुदाय के सदस्यों की हत्या, एनआईए करेगी जांच
मणिपुर के उखरूल जिले में शनिवार को संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा एक काफिले पर गोलाबारी के दौरान दो तांगखुल नागा समुदाय के सदस्यों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को जांच सौंपने का निर्णय लिया है।
घटना दोपहर के समय एनएच202 के लिटान क्षेत्र के पास हुई, जहाँ इम्फाल से उखरूल जा रहे काफिले पर अज्ञात हथियारबंदों ने फायरिंग की। पुलिस के अनुसार, काफिले के छह वाहन निशाने पर थे, और दोनों मृतक घटनास्थल पर ही पलायन कर चुके थे। मृतकों की पहचान ताशर गांव के नागा रेजिमेंट के सेवानिवृत्त सैनिक चिन्नाओशांग शोकवुंगना और खरासोम के यारुइंगम वाशुम के रूप में हुई है।
मुख्यमंत्री युमनाम खेचंद सिंह ने इस कांड की कड़ी निंदा की और कहा कि राज्य सरकार ने जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपने का फैसला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि सुरक्षा बलों ने दोषियों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू कर दिया है।
यह घटना मुख्यमंत्री के उखरूल प्रवास के एक दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के बीच हाईवे पर सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश जारी किए थे। लिटान क्षेत्र में तनाव 7 फरवरी से चल रहा है, जब तांगखुल नागा और कुकि-जो समुदायों के बीच एक विवाद के कारण झड़पें भड़की थीं।
उस घटना में एक तांगखुल नागा युवक घायल हुआ था, जिसके बाद कई दिनों तक आगजनी और गोलाबारी हुई। वर्तमान में सुरक्षा दृष्टिकोण से माहौल नाजुक बना हुआ है और प्रशासन सभी पक्षों को शांति बनाए रखने का आह्वान कर रहा है।
कार्यवाही जारी है और उखरूल में हुई इस हिंसा ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर गंभीर संकट पैदा कर दिया है।