गांव निवासी सुंदर ने बताया कि उन्होंने छपरौला स्थित निजी बैंक की शाखा से 10.08 लाख रुपये का होम लाेन लिया था। जिसकी रकम खाते में 13 मई 2025 को आई थी। इस दौरान सुंदर के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और खाते की गोपनीय जानकारियां हासिल कीं। फिर 18 मई को जमा रकम निकाल ली। पीड़ित ने बैंक अधिकारी और कर्मचारी पर ठगों का सहयोग करने का आरोप लगाया है। पता चलने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है।
रकम आने के बाद दोबारा निकाल ली : सुंदर ने बताया कि खाते से जो रकम साइबर ठगों ने निकाली थी, वो 29 मई को वापस आ गई थी। जो कि 11 जून को दोबारा निकाल ली गई। बैंक प्रबंधक को जानकारी दी तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। पीड़ित ने बैंक स्तर की लापरवाही से गोपनीयता डाटा साइबर ठगों तक पहुंचने का आरोप लगाया है। वहीं डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। किराये और म्यूल खातों में ठगी की रकम पहुंचने के संकेत मिले हैं।

