भारतीय चित्रकार आनंद आरके और पत्रकार सुपर्णा शर्मा को पुलित्जर पुरस्कार 2026 में मिला सम्मान
भारतीय चित्रकार और विजुअल आर्टिस्ट आनंद आरके तथा जांच पत्रकार सुपर्णा शर्मा ने ब्लूमबर्ग के जांचकर्ता नताली ओबिको पर्सन के साथ मिलकर 2026 पुलित्जर पुरस्कार जीता है। यह पुरस्कार उन्हें उनके सामूहिक काम के लिए “trAPPed” नामक इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग और कमेंट्री के क्षेत्र में मिला, जिसमें भारत की एक न्यूरोलॉजिस्ट का चित्रात्मक विवरण है, जो अपने फोन द्वारा डिजिटल गिरफ्तारी में हैं। इस काम को “दुनियाभर में बढ़ती निगरानी और डिजिटल धोखाधड़ी की चुनौतियों पर प्रकाश डालने के लिए दृश्य और शब्दों के बेहतरीन संयोजन” के रूप में सराहा गया है।
यह श्रेणी संपादकीय कार्टून या अन्य इलस्ट्रेटेड कार्य (स्थैतिक या एनिमेटेड दोनों) को मान्यता देती है, जो राजनीतिक सूझ-बूझ, संपादकीय प्रभावशीलता या सार्वजनिक सेवा मूल्यांकित हो। पुरस्कार राशि $15,000 विजेताओं के बीच साझा की जाएगी।
आनंद आरके इससे पूर्व 2021 में “ब्लू इन ग्रीन” नामक ग्राफिक नवशैल के लिए सर्वश्रेष्ठ चित्रकार/मल्टीमीडिया कलाकार के रूप में आइसनर पुरस्कार जीत चुके हैं, जो कलरिस्ट जॉन पियरसन के साथ संयुक्त था।
सुपर्णा शर्मा एक स्वतंत्र जांच पत्रकार और संपादक हैं, जिन्होंने तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में अपराध, संघर्ष, राष्ट्रीय आपदाओं और भ्रष्टाचार को कवर किया है। दोनों की यह उपलब्धि भारतीय पत्रकारिता के लिए गौरवपूर्ण है और डिजिटल युग में जमीनी सच को उजागर करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह पुरस्कार पुलित्जर ट्रस्ट द्वारा दिया जाता है और इसका मकसद पत्रकारिता व कला के उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना है। इस पुरस्कार ने डिजिटल निगरानी और उसके प्रभावों के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
भारतीय पत्रकारिता की उपस्थिति इस तरह के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों में निरंतर बढ़ रही है, जो देश की मीडिया स्वतंत्रता और गुणवत्ता का परिचायक है।