महाराष्ट्र सरकार ने ईंधन की बचत और अनावश्यक खर्चों पर कड़े नियंत्रण लगाए
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में ईंधन की खपत कम करने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध लागू किए हैं। राज्य की सख्त नीति के तहत बाइक रैलियाँ, वाहन रोडशो और अन्य झांकियों को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकारी खर्चों और आधिकारिक यात्राओं पर भी विशेष नियंत्रण लगाया गया है। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस संबंध में 19 सर्कुलर जारी कर सभी विभागीय सचिवों, आयुक्तों, ज़िला कलेक्टरों, नगर आयुक्तों एवं सरकारी अधिकारियों को इन निर्देशों का पालन करने के आदेश दिए हैं।नए दिशा निर्देशों के मुख्य बिंदु
- सरकारी अधिकारियों को विदेशी आधिकारिक यात्राओं की योजना न बनाने और पहले से अनुमोदित यात्राओं को रद्द करने का निर्देश दिया गया है ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।
- दफ्तर में नियमित उपयोग के लिए किराए के इलेक्ट्रिक वाहनों का प्राथमिकता से उपयोग करने को कहा गया है। कार्य स्थल पर यात्रा करने वाले अधिकारियों को कम से कम वाहन उपयोग करने एवं सार्वजनिक परिवहन या कारपूल को बढ़ावा देने के निर्देश हैं।
- विभागों से कहा गया है कि इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के अनुमोदन प्रक्रिया को तीव्र करें और बिजली शुल्क में कटौती को भी प्राथमिकता दें। प्रधान मंत्री सूर्या घर योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना तेज़ी से कराई जाए।
- सभी विभागों में भौतिक बैठकों, सेमिनारों, प्रशिक्षणों और कार्यक्रमों को ऑनलाइन मंचों पर स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग मंत्री स्तरीय, विभागीय तथा ज़िला स्तर पर उतना ही किया जाए जितना संभव हो।
- शिक्षा संस्थानों से भी ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है।
- पुलिस विभाग को बाइक रैली, वाहन यात्रा या किसी भी तरह के काफिले आयोजित करने से मना किया गया है।
- सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय सहित अन्य एजेंसियों को न्यूनतम विज्ञापन जारी करने और महंगे प्रकाश या डिस्प्ले तकनीक के उपयोग को कम करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजी सेट का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार किया जाए।
- सरकारी कार्यालयों में बिजली बचत के लिए प्राकृतिक प्रकाश का प्रयोग बढ़ाने एवं कार्यकाल समापन के बाद सभी विद्युत उपकरण बंद करने के निर्देश हैं। एयर कंडीशनिंग तापमान को २४ से २६ डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखना अनिवार्य है।
- कैंटीन, हॉस्टल, जेल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, मध्याह्न भोजन केंद्र और पुलिस कैंटीन में भोजन निर्माण में तेल की खपत कम करने के उपाय किए जाएंगे। आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं को परिवारों को घर में तेल कम उपयोग करने के लिए जागरूक करने को कहा गया है। साथ ही मूंगफली और सरसों के तेल के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
- पीएनजी (प्राकृतिक गैस) कनेक्शन के आवेदन प्रक्रिया को शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही मुंबई और अन्य बड़े शहरों के होटल एवं रेस्टोरेंट को पीएनजी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना के तहत कड़ी जांच एवं फर्जी नामांकन रद्द करने के आदेश दिए गए हैं ताकि लाभार्थियों को सही लाभ मिल सके।
- कृषि विभाग को रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग हेतु अभियान चलाने और प्राकृतिक, कार्बनिक उर्वरक को बढ़ावा देने का निर्देश मिला है। साथ ही किसानों को एग्रीस्टैक पर पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। गैर-कृषि उपयोगों के लिए यूरिया के दुरुपयोग को रोकने और मिट्टी परीक्षण का कार्य तेजी से करने को कहा गया है।
- अंत में, सभी विभागों ने अगले छह महीनों तक सलाहकार नियुक्ति से बचने का निर्णय लिया है।

