दिल्ली ट्रैपिक पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ब्रिक्स सम्मलेन के दौरान ड्रोन तकनीक से राष्ट्रीय राजधानी के ट्रैफिक पर नजर रखेगी। इस तकनीक से रियल-टाइम अपडेट मिलेगा कि किस बॉर्डर, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन या चौराहे पर वाहनों की कतार कितनी लंबी है।
दिल्ली में अब जल्द ही लंबे लाम से मुक्ति मिलेगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर लंबे जाम की ट्रेल देखेगी। यानि की जाम कितना लंबा है और कहां से लगना शुरू हुआ और आगे कहां तक जा रहा है।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि ये ड्रोन 24 घंटे उड़ते रहेंगे। जब इनकी बैटरी खत्म होगी तभी इनको नीचे उतारा जाएगा। बैटरी बदलनेे के बाद इन्हें फिर उड़ा दिया जाता है। ड्रोन से ट्रैफिक पर नजर रखी जाती है। इसके लिए हर रेंज में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। जैसे ही पता लगा कि फलां मार्ग पर लंबा जाम लग रहा है तो वहां के सर्किल के ट्रैफिक इंस्पेक्टर को सूचित किया जाएगा और जाम के कारणों को पता किया जाएगा। इसके अलावा अगर इस मार्ग पर ज्यादा जाम हैं तो उस तरफ के लाइट सिग्नल का ग्रीन सिग्नल का टाइम बढ़ा दिया जाएगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभी ड्रोन तकनीक इस्तेमाल ट्रायल को तौर पर किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल के दौरान ही जाम खासकर लंबे जाम को खत्म करने में काफी सफलता मिली है। जाम की आशंका वाले हिस्सों की समय रहते पहचान करके गाड़ियों को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया जा रहा है।

