ओड़िशा के पारंपरिक व्यंजन: चिंगुड़ी छेचा और आलू पोताला रस्सा
ओड़िशा का खानपान उसकी सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग है, जो विविध समुद्री और कृषि उत्पादों से समृद्ध है। इस लेख में हम दो प्रमुख पारंपरिक व्यंजनों—चिंगुड़ी छेचा और आलू पोताला रस्सा—को विस्तार से जानेंगे, जो गरमागरम चावल के साथ परोसे जाते हैं और स्वाद में अतुलनीय हैं।चिंगुड़ी छेचा
चिंगुड़ी छेचा ओड़िशा का एक तटीय व्यंजन है, जो ताजे छोटे झींगे से तैयार किया जाता है। इस पकवान में छोटे झींगों को पहले हल्दी और नमक के साथ मसाला लगाया जाता है और फिर सरसों के तेल में कुरकुरा तल लिया जाता है। ठंडा होने पर इन्हें सिल-बट्टा में लहसुन की कलियां, कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च के साथ दरदरा पीसकर एक तीखा और खुशबूदार मिश्रण बनाया जाता है। झींगे और कच्चे मसालों का यह संयोजन एक तीव्र एवं संतोषजनक स्वाद प्रदान करता है। यह व्यंजन अक्सर पखाला के साथ परोसा जाता है, जो क्षेत्र के समुद्री जीवन के प्रति गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। सामग्री- छोटे झींगे: 200 ग्राम
- हरी मिर्च: 8 ग्राम
- लहसुन की कलियां: 10 ग्राम
- प्याज: 50 ग्राम
- हल्दी पाउडर: 1 ग्राम
- सरसों का तेल: 30 मिलीलीटर
- धनिया पत्ती: 5 ग्राम
- नमक: स्वादानुसार
- झींगों को साफ करके बहते पानी में धो लें और पानी निकाल दें।
- उन्हें हल्दी पाउडर और नमक के साथ अच्छी तरह मिलाएं।
- गैर-स्टिक तवे पर सरसों का तेल गरम करें और झींगों को हल्का सुनहरा होने तक तलें।
- तले हुए झींगे, लहसुन, प्याज, हरी मिर्च और थोड़ा नमक लेकर सिल-बट्टा में दरदरा पीस लें।
- सरसों के तेल और धनिया पत्ती से सजाएं।
- गरम चावल के साथ परोसें।

