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  • नोएडा: महर्षि आश्रम जमीन घोटाले पर शुरू हुई एसआईटी जांच

नोएडा: सार्वजनिक जगहों पर प्राधिकरण लग्जरी टॉयलेट बनाएगा

ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक जगहों पर प्राधिकरण लग्जरी टॉयलेट बनाएगा। इसके लिए पीपीपी मॉडल पर निर्माण के…

नोएडा: श्रमिक आंदोलन को हिंसक बनाने की साजिश में डीयू का छात्र गिरफ्तार

अप्रैल में श्रमिक आंदोलन को हिंसक बनाने की साजिश में पुलिस ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के एलएलबी छात्र योगेश मीणा…

दिल्ली: जिला परिवहन कार्यालयों (डीटीओ) और परिवहन परिसरों के व्यापक कायाकल्प की तैयारी

दिल्ली सरकार राजधानी के जिला परिवहन कार्यालयों (डीटीओ) और परिवहन परिसरों के व्यापक कायाकल्प की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री…

दिल्ली: अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने छह माह की इंटर्नशिप के लिए आवेदन आमंत्रित किए 

डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल व अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने छह माह की इंटर्नशिप के…

दिल्ली: बारहवीं की उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के लिए पोर्टल खुला

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बारहवीं की उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी में पाई गई त्रुटियों के सत्यापन तथा उत्तरों…

दिल्ली-NCR- बढ़ सकता हैं सोसाइटी यो मे मैंटेनेंस चार्ज

दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में, हाउसिंग सोसायटियां सुरक्षा गार्ड, माली, सफाईकर्मी, इलेक्ट्रीशियन और प्लंबर जैसे श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में…

नोएडा: बचपन बचाओ सेवा समिति (एनजीओ) द्वारा पियाऊ एवं मानवता की दीवार का शुभारंभ

भीषण गर्मी में आमजन को राहत पहुंचाने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता के उद्देश्य से नोएडा प्राधिकरण के सहयोग एवं…

ग्रेटर नोएडा: तीन दिवसीय जिला स्तरीय सब-जूनियर बालक-बालिका खेल प्रतियोगिताएं शुरू

सूरजपुर स्थित मलकपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में चार जून से तीन दिवसीय जिला स्तरीय सब-जूनियर बालक-बालिका खेल प्रतियोगिताएं शुरू होंगी। खेल…

नोएडा: जिले के शिक्षक और अभिभावक द्वारका स्थित सीबीएसई मुख्यालय पहुंचे

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से लागू किए गए तीन भाषाई फॉर्मूले को…

ग्रेटर नोएडा: निवासियों ने विश्व कल्याण और युद्ध शांति की कामना 

ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर ग्रेटर नोएडा के स्प्रिंगफील्ड्स, जीटा-1 के निवासियों ने विश्व कल्याण और युद्ध शांति की कामना…

ग्रेटर नोएडा: बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए बिसरख कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज

बिसरख के व्यक्ति ने रिश्तेदार पर बेटी(17) को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए बिसरख कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज…

UP : दिल्ली-NCR में बढ़ा सेल्फ-ड्राइव कार रेंटल का क्रेज, वाशु नागर विजन के ‘Prime Wheel Rentals’ ने बनाई अलग पहचान…

Report : ICN Network Lifestyle News : दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में पिछले कुछ समय से लोगों के ट्रैवल करने के तरीके…

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{“title_results”:[“‘मेरे सवालों पर कथा साहित्य का प्रभाव पड़ा’: कार्लो गिंज़बर्ग (1939-2026), माइक्रोहिस्ट्री के प्रणेता”],”content_results”:[“कार्लो गिंज़बर्ग: माइक्रोहिस्टोरी के क्षेत्र के प्रणेता का निधनइतालवी इतिहासकार कार्लो गिंज़बर्ग, जिन्हें माइक्रोहिस्टोरी के संस्थापकों में से एक माना जाता है, का 17 जून 2026 को निधन हो गया। उनकी उम्र 87 वर्ष थी। गिंज़बर्ग ने इतालवी पुनर्जागरण से लेकर प्रारंभिक आधुनिक यूरोपीय इतिहास तक विभिन्न विषयों में अपना योगदान दिया। उनकी गहन शोध प्रणाली और दृष्टिकोण ने इतिहास लेखन में क्रांतिकारी बदलाव लाए।गिंज़बर्ग की प्रमुख रचनाओं में The Cheese and the Worms: The Cosmos of a Sixteenth Century Miller, The Night Battles, तथा Ecstasies: Deciphering the Witches’ Sabbath शामिल हैं। इन कार्यों ने न केवल इतिहास को नये आयाम दिए, बल्कि कला इतिहास, साहित्य अध्ययन और इतिहासलेखन के सिद्धांतों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।उन्होंने 2010 में बाल्ज़न पुरस्कार प्राप्त किया और 2013 में अमेरिकी फिलॉसफिकल सोसाइटी के अंतरराष्ट्रीय सदस्य के रूप में चुने गए।2019 में कोलकाता में भारतीय प्रकाशक नवीन किशोर के साथ बातचीत के दौरान, गिंज़बर्ग ने अपनी पेशेवर यात्रा, यहूदी धर्म के प्रति अपने “बनने” की प्रक्रिया, विराम चिह्नों के प्रति जुनून और अपनी रचनात्मक सोच पर कथा साहित्य के गहरे प्रभाव के बारे में चर्चा की।उन्होंने कहा, “ऐसे संवाद आमतौर पर बीच में शुरू होते हैं, जिसमें पहले की बातचीत का अनुभव और आगे की चर्चा की उम्मीद जुड़ी होती है। इसलिए मैं सीधे अपने विषय में उतर जाता हूँ।” उनके अनुसार, “एक ऐसे जीवंत परिदृश्य में प्रवेश करना जो पहले किसी ने नहीं देखा, अत्यंत रोमांचकारी होता है। सबसे पहले अपनी जड़ों की खोज करना, फिर इतिहास के जीवन के संकेतों को समझना, और अंततः इतिहासकार बनना एक गहन अनुभव है।”कार्लो गिंज़बर्ग ने माइक्रोहिस्टोरी को एक नई दिशा दी और इतिहास को अधिक मानवीय, सूक्ष्म एवं व्यावहारिक संदर्भों में समझने की विधि पेश की। उनके विचार और शोध आज भी इतिहासकारों एवं विद्वानों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।”]}